गांधीनगर (गुजरात) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब दिया है, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। शाह ने दावा किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर भीतर घुसकर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) सहित नौ आतंकवादी अड्डों को मलबे में तब्दील कर दिया है।

गांधीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने आतंक के खिलाफ अब तक का सबसे कठोर संदेश दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत


पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंक के अड्डों को जड़ से उखाड़ दिया गया।”

उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुज़फ़्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, मुरिदके और सियालकोट जैसे इलाकों में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। “ये ठिकाने आतंकवादियों के पलने-बढ़ने के केंद्र थे, जहां भारत पर हमले के लिए हथियारों का जमावड़ा किया गया था,” शाह ने कहा।

गृह मंत्री ने आगे कहा, “जिन्होंने भारत और अन्य देशों में आतंक फैलाने की साजिश रची थी, वे अब हमारे बमों की गूंज से सिहर गए हैं। भारत का संदेश साफ है — यदि हमारे नागरिकों की ओर कोई आंख उठाकर देखेगा, तो जवाब दुगनी ताकत से मिलेगा।”

शाह ने यह भी कहा कि भारत के जवाबी हमलों के बाद पाकिस्तान ने कच्छ से लेकर जम्मू-कश्मीर तक नागरिक इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों का प्रयास किया, लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी खतरों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया। “एक भी नागरिक हताहत नहीं हुआ,” उन्होंने कहा।

इस पर प्रतिक्रिया में भारतीय वायुसेना ने 15 पाकिस्तानी एयरबेस पर सटीक हमले किए। “उनकी वायुशक्ति पूरी तरह बिखर गई। 1947 के बाद यह पहला अवसर है जब हमारी सेना 100 किलोमीटर भीतर जाकर दुश्मन के आतंकी ढांचे को तहस-नहस कर आई है,” शाह ने कहा।

उन्होंने कहा, “जो पाकिस्तान हमें परमाणु बम की धमकी देता था, आज वही डर में जी रहा है। भारत ने दिखा दिया है कि उसका संकल्प और शक्ति अटूट है।”

प्रधानमंत्री मोदी को “भारत मां का सच्चा सपूत” बताते हुए शाह ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत न केवल तेजी से विकास कर रहा है, बल्कि अब ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। “ये नया भारत है — जो न भूलता है, न माफ करता है।”

उन्होंने भारतीय सेना की वीरता की सराहना करते हुए कहा, “देश के हर नागरिक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए कोई भी कीमत चुकाने से हम पीछे नहीं हटेंगे।”

(संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट और सार्वजनिक बयान पर आधारित है।)