कुपवाड़ा, 17 मई — जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई शेलिंग से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने त्वरित राहत प्रदान की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

तंगधार सेक्टर के सीमावर्ती गांवों के दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उपराज्यपाल ने कहा, “प्रशासन ने नुकसान का आंकलन किया है और तत्काल सहायता भी दी गई है। कुछ लोगों का पुनर्वास बाकी है। लेकिन मैं मानता हूं कि यह मदद काफी नहीं है। मैंने डिविजनल कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि एक व्यापक योजना तैयार करें ताकि हम केंद्र सरकार से औपचारिक रूप से पुनर्वास के लिए सहायता मांग सकें।”

एलजी सिन्हा ने सीमा पर बसे नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैंने खुद लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं समझीं। मैं अपने प्रशासनिक सहयोगियों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने कठिन हालात में भी लोगों की मदद की। राहत दी गई है, लेकिन मैं मानता हूं कि हमें और अधिक करना होगा।”

इस बीच, स्थानीय निवासियों ने उपराज्यपाल से अपील की कि उनकी सुरक्षा के लिए सीमावर्ती इलाकों में भूमिगत बंकरों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाए। “हम गरीब लोग हैं, बार-बार कष्ट नहीं सह सकते। अब बंकर जरूरी हैं,” एक पीड़ित निवासी ने एलजी सिन्हा से कहा।

उपराज्यपाल ने भी इस दिशा में पहल करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कुपवाड़ा जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि ग्राम सभाओं के माध्यम से बंकरों का निर्माण शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, “प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

कुपवाड़ा में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाकिस्तान की शेलिंग से प्रभावित हर व्यक्ति को बिना किसी देरी के पूरी सहायता प्रदान की जाए