श्रीनगर, 17 मई — जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि इस बार घाटी में गर्मियों के सीजन में पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और बहुत कम पर्यटक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने पर पूरी तरह केंद्रित है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, “इस बार पर्यटन पर काफी असर पड़ा है। यहां गर्मियों में पर्यटक लगभग नहीं के बराबर आ रहे हैं। अब हमारा पूरा ध्यान अमरनाथ यात्रा पर है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा करे और सुरक्षित लौटे।”
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता घटना-मुक्त वार्षिक तीर्थयात्रा सुनिश्चित करना है। “इसके बाद हम पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए योजनाएं बनाएंगे,” उन्होंने कहा।
संघर्षविराम बना हुआ है
सीमा पर स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “फिलहाल नियंत्रण रेखा (LoC) या अंतरराष्ट्रीय सीमा से संघर्षविराम उल्लंघन की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। संघर्षविराम कायम है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी आवश्यकता होगी, केंद्र सरकार से सहायता ली जाएगी।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की पहल की सराहना
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा विभिन्न देशों में भेजे जा रहे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में संसद हमले के बाद इसी तरह का प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था। यह भारत की आवाज़ को वैश्विक मंचों पर रखने का एक और अच्छा अवसर है।”
लगातार जनसंपर्क अभियान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन श्रीनगर स्थित राबिता कार्यालय में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक प्रतिनिधिमंडलों और आम नागरिकों से मुलाकात की। लोगों ने विभिन्न मुद्दों को उठाया और उनके समाधान की मांग की।

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