नई दिल्ली, 17 मई — भारत सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि वह आतंकवाद के खिलाफ "शून्य सहिष्णुता" की नीति का संदेश देने के लिए दुनिया के प्रमुख देशों में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी। यह कदम 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उठाया गया है।

संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, ये प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों और अन्य रणनीतिक साझेदारों की यात्रा करेंगे। प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य वैश्विक मंचों पर भारत की एकजुट राष्ट्रीय नीति को प्रस्तुत करना और पाकिस्तान द्वारा कश्मीर व सीमा पार हिंसा पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार का खंडन करना है।

प्रतिनिधिमंडल जिन प्रमुख देशों की यात्रा करेंगे उनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, जापान और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल लगभग पांच देशों का दौरा करेगा।

इन टीमों में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी इंडिया गठबंधन (INDI Alliance) दोनों के सांसद शामिल होंगे। इनके साथ वरिष्ठ राजनयिक भी होंगे जो भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति, पहलगाम हमला, और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विदेशी सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को जानकारी देंगे।

इस बहुपक्षीय पहल को 1994 में ए.बी. वाजपेयी के नेतृत्व में हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के मिशन के बाद सबसे महत्वपूर्ण सर्वदलीय कूटनीतिक प्रयास माना जा रहा है।

प्रमुख प्रतिनिधिमंडल नेताओं में शामिल हैं:

  • शशि थरूर (कांग्रेस सांसद, तिरुवनंतपुरम): अमेरिका और अन्य देशों के दौरे का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा, “जब राष्ट्रीय हित दांव पर हो, तो सेवा करना मेरा कर्तव्य है।”

  • रवि शंकर प्रसाद (राज्यसभा सांसद, भाजपा): अनुभवी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री।

  • संजय कुमार झा (राज्यसभा सांसद, जेडीयू): परिवहन, पर्यटन व संस्कृति पर संसदीय समिति के अध्यक्ष।

  • बैजयंत जय पांडा (लोकसभा सांसद, बीजेपी): पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कूटनीतिक मामलों में सक्रिय भूमिका।

  • कनिमोझी करुणानिधि (लोकसभा सांसद, डीएमके): विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से दक्षिण भारत की महत्वपूर्ण आवाज।

  • सुप्रिया सुले (लोकसभा सांसद, एनसीपी-शरद पवार गुट): महाराष्ट्र की लोकप्रिय नेता।

  • श्रीकांत शिंदे (लोकसभा सांसद, शिवसेना - एकनाथ शिंदे गुट): युवा नेता और स्वास्थ्य सेवा में पेशेवर पृष्ठभूमि।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जब देश की बात होती है, भारत एकजुट होता है। ये सात प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के खिलाफ हमारा साझा संदेश लेकर दुनिया भर में जाएंगे। यह राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता की सशक्त अभिव्यक्ति है।”

उद्देश्य और अपेक्षित परिणाम:

  • TRF को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित कराने की मांग।

  • पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करना।

  • भारत के सबूतों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत करना।

  • भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों को वैश्विक समर्थन दिलाना।