श्रीनगर, 17 मई — ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि कश्मीर में अब पाकिस्तान के लिए कोई जनसमर्थन नहीं बचा है, और भारत सरकार को इस मौके का लाभ उठाकर कश्मीरी जनता को अपनाना चाहिए

एक समाचार एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में ओवैसी ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर के हर घर में मातम पसरा हुआ था। यह दिखाता है कि अब पाकिस्तान के प्रति कोई सहानुभूति नहीं बची है।”

"कश्मीरियों को उनके अधिकार मिलें, उन्हें अपनाएं"

ओवैसी ने कहा कि कश्मीरियों को उनके संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए और देश के अन्य हिस्सों में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए
“हमें यह मौका नहीं गंवाना चाहिए। कश्मीरियों को उनके हाल पर मत छोड़िए, उन्हें अपनाइए,” उन्होंने अपील की।

"पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश मिल चुका है"

AIMIM प्रमुख ने पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में हुए स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शनों को पाकिस्तान और आतंकियों के खिलाफ स्पष्ट जन-संदेश बताया।
उन्होंने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। पाकिस्तान का सामना अवश्य करें, लेकिन कश्मीरियों को गले भी लगाएं।”

"पाकिस्तान की मंशा पर भरोसा नहीं किया जा सकता"

ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान की रणनीति हमेशा से भारत में अस्थिरता फैलाने, सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और आर्थिक विकास को रोकने की रही है।
“आजादी के बाद से ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में कबायली घुसपैठियों को भेजकर यही किया है। जब तक पाकिस्तान की ‘डीप स्टेट’, ISI और फौज की सोच भारत को अस्थिर करने की है, तब तक उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता,” उन्होंने कहा।